Saturday, April 2, 2011

विश्व कप २०११ , जीत गये हम



उस दिन का काफी समय से इंतजार था , केवल मुझे ही नहीं बल्कि पुरे देश को जो की देखना चाहती थी की इस बार का विश्व कप हम जीते और ये विश्व कप इस बार हमारे देश में ही रहे ,और इस सपन एको हमारी भारतीय टीम ने टूटने नहीं दिया और सरे भारत वासियों के सपने को पूरा कर दिखाया , आखिर हो भी क्यों नहीं पुरे २८ साल लग गये जब ऐसे जश्न का माहौल देश में बना है । लोग जश्न में डूबे हुए हैं जगह जगह ढोल नगाड़े बजने के साथ ही लोग झूम रहे हैं, वाकई बहुत ही यादगार और रोमांचक पल है ये ,
दिन अप्रैल २०११ और मौका था विश्व कप देखने का जिसमे पहली बार दो एशियाई टीम आपस में भिड़ने को तैयार थी .यानि यह तो तय था की इस बार कप एशिया में ही आएगा पर जयादा खुसी तो तब होती जब यह भारत में आता और ऐसा ही हुआ दुगुने ख़ुशी और उत्साह के साथ पूरा देश झूमा , जश्न में पूरी रात कोई नाच रहा था तो कोई सडको पर इस ख़ुशी को बाटने के लिए दोस्तों के साथ निकल गया , दिल्ली की बात करे तो अक्सर जाम में फसे होने पर लोग काफी परेशां नज़र आते है और हो भी क्यों ना ऑफिस से लौटे वक्त घर पहुचने की सबको जल्दी पड़ी रहती है पर इस दिन किसी को कोई शिकायत नहीं थी वे भरपूर जाम में भी जश्न मन रहे थे उनका कहना था की आज तो जाम में भी मज़ा आ रहा है , इसके साथ ही साथ वे इंडिया के तिरंगे फहरा रहे थे और जोर जोर से नारे लगा रहे थे , पूरा माहौल गज़ब का था ,,वाकई ऐसी शमा बांध गयी थी इस रात की पूरा नज़ारा देखने के लिए इससे अच्छा जगह कोई और नहीं था ।
मेरी तरफ से पूरे देश को , दोस्तों को और इंडियन टीम को तथा पूरे भारतीय खिलाडियों को बहुत बहुत बधाईया पूरी टीम ने पूरे जोश ओर लय के साथ खेला ,ओर ये पूरी टीम की प्रदर्शन का ही परिणाम है की आज विश्व कप हमारे देश में है ,एक बात ओर वाकई आज कप्तान धोनी ने अपना वास्तिक गेम खेला जिसका हम सभी को लम्बे समय से इंतजार था
क्रिकेट के सम्राट सचिन तेंदुलकर के लिए ये बहुत ही यादगार पल रहेगा .ओर है इस विश्व कप के साथ उन सभी ने २००३ की फाइनल की सारी ग़मों को भुला दिया होगा ओर दिखा दिया की हम भी कम नहीं हैं
इसी के साथ आप सभी लोगों को बहुत बहुत बधाईयाँ ओर पूरे इंडियन टीम को भी
इस बार भी दिन शनिवार था ओर उस बार भी अर्थात १९८३ को भी शनिवार था

Sunday, February 13, 2011

साढ़े तीन बजे मुन्नी जरुर मिलना

मुन्नी की बदनामी ,शीला की जवानी के बाद आ रहा है साधे तीन बजे मुन्नी जरुर मिलना !जी हाँ ओ भीं उसी के आवाज़ में जिसने दबंग जैसी हिट मूवी में मुन्नी बदनाम हुई जैसी हीट गाना दिया !अब तो आपको मालूम हो गया होगा की किसकी बात हो रही है,,,! ये गाना भी ममता शर्मा की आवाज़ में रिकॉर्ड हो रहा है ! बहुत जल्द ही सुनने को मिलेगा ! बस अंतर है तो भाषा की यानि ये भोजपुरी में है !एक मूवी आने वाली है जिसका नाम अभी ओपन नहीं किया गया है उसी मूवी में इस गाने को फरमाया गया है !ये गाना भी मूनी बदनाम जैसा ही आयटम सांग होगा ऐसा कयास बहुत आराम से लगाया जा सकता है !
अब सोचिये आने वाले समय में कैसे कैसे गाने सुनने को मिलेंगे !लेकिन कोई बात नहीं है .....मनोरंजन तो खूब होगा लोगों का ,,पर अफ़सोस इस बात का है की फिर इस गाने को भी लोग जड़ ही भूल जायेंगे और अगले आने वाले गाने की टकटकी लगाये हुए बैठे रहेंगे ! क्योंकि ये गाने शायद कुछ ही पल के लिए होते हैं !

Saturday, February 12, 2011

पहले सज़ा ,फिर दवा तभी कल्याण है देश का

आज जैसे ही मै नींद से जगा तो देखा की बहुत ही खूबसूरत धुप निकलीं हुई है ! शायद दिल्ली वालों को कुछ राहत मिली ठंडी से ! लेकिन जैसे ही अगले पल मै प्रतिदिन की तरह टीवी के सामने समाचार देखने के लिए पहुंचा तो अचानक टीवी के निचे चल रहे एक न्यूज़ स्क्राल को देखकर मैं अवाक रह गया ! हालाँकि मैंने पूरी न्यूज़ नहीं दे पाया क्योंकि आज मै थोडा देर से जगा था ! पर जो देखा ओ ही काफी था इस देश के नेताओं की मानसिकता को समझाने के लिए ,आधिक देखने की तो जरुरत ही नहीं है !अब बात करता हूँ उस न्यूज़ स्क्राल की , थी देवास के साथ कोई समझौता नहीं :वक्तव्य था मंत्री कपिल सिब्बल जी का !अब तो आप समझ ही गये होंगे की मै किस न्यूज़ की बात कर रहा हूँ !आखिर ये कह के क्या कहना चाहते थे मंत्री जी ,डील करने का प्लान था क्या !नहीं तो फिर ये कहने की क्या जरुरत थी इससे तो अच्छा होता की पहले कोई एक्शन लेते कम्पनी के खिलाफ और एक्शन ऐसा होता की दूसरी कमनियां भी भविष्य में इससे सबक लेती ! आखिर ये क्या हो रहा है हज़ारों ,लाखों ,करोड़ों रुपयों को ये मंत्री खा जा रहे हैं !आखर ये पैसा तो गरीब जनता का ही है क्या यही सेवा करना है की गरीबों की मेहनत की कमाई को एक ही झटके में खा जाओ !क्या इनका कोई हल नहीं है ,इनको कोई सबक सिखाने वाला नहीं है !
ऐसे लोग कितना परेशान होते हैं जांच से ये तो सभी लोग देख रहे हैं !मधु कोड़ा मस्त है जाहिर है कुछ नहीं होगा बस खानापूर्ति ,लालू का क्या हुआ सबको पता है ,नरेन्द्र मोदी कुछ भी ख़ास नहीं मस्त हैं ,हाल ही में राजा के साथ वही जो और खाने वाले नेताओं के साथ हुआ हो रहा है .....मुझे तो लगता है आगे भी ऐसा ही ओता रहेगा
एक कहावत है जो सच ही दिखाई दे रही है कमाने वाला कमाता है खाने वाला खाता है ,पर उस दिन क्या होगा जब कमाने वाला हाथ खडा कर देगा
जनता है नेता जी बस एक लहर की दरकार रहती है और कही उस लहर में जनता शामिल हो गयी तो खाना तो दूर सोना भी चाहोगे तो सो नहीं पाओगे !बस लहर उठने का इंतज़ार है
एक लहर उठा और मिश्र से लेकर तुनिशिया तक सुधर गया क्या चाहते हैं यहाँ भी वही हो ....अभी ही समय है ..वरना जनता उठ गयी तो बैठना मुस्किल हो जाएगा .भारत है ये भागने का भी मौक़ा नै मिलेगा ....भगत सिंह की धरती है ,,चन्द्रसेखर जैसे लोग यही पैदा हुए थे उनके कारनामों को तो जानते होंगे ही आप ...
फिर क्या देख रहे हो समय है जब जागो तभी सबेरा अभी ही वक्त है ..वरना धरती वही है ,देश वही है , जनता भी वही है बस नहीं है तो जागता हुआ जज्बा और जिस दिन जाग गया तो फिर ........जय हिंद ...जय हिंद...जय हिंद !
सोचो कभी किसानो और सेना के हित के लिए सोचा है ...अफसर तो मज़े मरते हैं पर निचे तबके के लोग कैसे जीते हैं देखा है कभी ...किसान मेहनत करता है तभी आप खा रहे हो और जो चैन से सो रहे हो हमारी सेना की दें है ......स्वर्गी .लालबहादुर जी के बाद शायद ही किसी ने किसानो और सेना के लिए सोचा हो ....आखिर सोचेंगे कैसे सारा समय तो अपने खाने में जुटे हैं.....शर्म आनी चाहिए...
जय जवान जय किसान ......इसका भी थोडा सा लिहाज़ करते तो ही बहुत रहत रहती ...पर नहीं जीभ जो चटोरी हो गयी है .......!खैर बस लहर जिस दिन उठ गयी ............!!!!!!

Sunday, December 5, 2010

नैनो की बिक्री बढाने के लिए टाटा की नयी रणनीति

क्रांतिकारी शुरुआत के बाद विश्व की सबसे सस्ती कार नैनो के निर्माता अब सोचने पर मजबूर हो गए हैं ! विभिन्न कारणों से विलंब के बाद सानंद से निकली नैनो उपभोक्ताओं तक पहुचने के बाद इसके उपकरणों में लगी आग की घटना से लोग थर्रा उठे हैं ! जो उपभोक्ता दो पहिया वाहन को छोड़ इस स्कीम में शामिल हुए थे , वे अब इस विचार को त्याग दिए हैं ! जिसका असर नैनो की बिक्री पर साफ नज़र आता है !जहाँ २००९ नवम्बर माह में इसकी बिक्री ९००० थी वहीँ २०१० नवम्बर माह में इसकी संख्या घटकर मात्र ५०० रह गयी ! बिक्री में भारी गिरावट को देखते हुए टाटा मोटर्स ने अपनी रणनीति में ब्यापक बदलाव किया है ! जिससे बहुत से रोजगार सृजित हुए हैं ! रणनीति के तहत कंपनी १२ राज्यों में अपनी विशेष पहुँच केंद्र खोलेगी जहाँ इस कार की बिक्री होगी !इसके लिए १२०० से अधिक लोगों को नियुक्त किया जाएगा जो ११० पहुँच केन्द्रों की निगरानी करेंगे ! जहा १०० से अधिक पहुँच केन्द्रों पर १००० से अधक लोगों को रोजगार मिलेगा ! इस रणनीति का मुख्य उद्देश्य बड़े कस्बों और गावों में नैनो के शौक़ीन लोगों के बीच अपनी अधिक से अधिक उपस्थिति दर्ज कराना है !



भविष्य में मांग के अनुसार उन राज्यों में बिक्री केन्द्रों की संख्या बढ़ाई जा सकती है यदि कंपनी की बिक्री पहुँच पूर्ण रूप से राज्य में न हो ! कंपनी के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार इन केन्द्रों पर और अधिक लोगों को सर्विस के लिए नियुक्त किया जाएगा जो टाटा मोटर्स और उसके वितरकों द्वारा प्रशिक्षित होंगे ! नियुक्त लोगों को प्रशिक्षण के दौरान आटोमोबाइल तकनीक की प्राथमिक जानकारी के साथ- साथ प्रोडक्ट ,बिक्री की कला ,अलग -अलग उपभोक्ताओं की पहचान तथा आर्थिक सलाहकार के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा ! टाटा मोटर्स गंभीरता के साथ अपनी इस सबसे सस्ती कार (१.४ लाख -२ लाख ) को अधिक से अधिक बेचने के लिए बाज़ार की सभी संभावित तकनीक का इस्तेमाल करना चाहती है ! कंपनी , नैनो के उन सभी उपभोक्ताओं की क्षमता को अच्छी तरह से जानना चाहती है ,जो दो पहिया वाहन को छोड़ इसे खरीदना चाहते हैं अथवा जिनके पास कोई भी वाहन नहीं हैं ! टाटा के अनुसार टाटा अब कुछ लोगों को फ्री टेस्ट ड्राईव देना चाहती है जो नैनो कार खरीदने के लिए इच्छुक हैं लेकिन उनको ड्राईविंग नहीं आती !

Tuesday, September 28, 2010

मत देख इस तरह , निगाहों में बड़ा दम है।

इंसान तू भी है ,इंसान हम भी हैं .

Saturday, May 8, 2010

६ मई २०१०

दिन गुरुवार ,तारीख थी मई और साल २०१० देश की तमाम जनता टकटकी लगाये हुए अपलक टीवी स्क्रीन पर नज़रे गडाए हुए थीबहुत खास दिन था उन सभी लोगो के लिए जो २६/११ जैसी घटनाओं को अंजाम देते हैं और उनके लिए भी जो ऐसी घटनाओं में अपनों को खो दियाबहुत कुछ प्रोत्साहन देने वाला था ये दिन, की आगे ऐसे काम करने वालों के हौसले पस्त होंगे या मस्ती से आगे बढ़ते जायेंगे ,या फिर कानून अपना जलवा दिखायेगा और करोडो लोगो के दिलों को जीतते हुए , अपनी साख को बरकरार रखते हुए कुछ ऐसा करेगा जिसका बेसब्री से इंतजार तमाम दिलों में दफ़न थाऔर ऐसा ही हुआ दिलों में दफ़न इंतजार की घड़ियाँ खत्म हुई और फैसला आया जनता के पक्ष में जो चाहती थीकानून भी अपनी ताकत दिखाया और उन लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया जो ऐसे कारनामों को अंजाम देने के फिराक में रहते हैं या करते हैंइस दिन ने एक बार फिर २६/११ की घटना की याद दिला दियापूरा मुंबई सिहर उठा था उस दिनसायद ही भारत में कभी इतना बड़ा आतंकी घटना हुआ होभगवान करे की ऐसा फिर कभी कोई दिन आयेउस दिन को याद करते ही जितना दुःख हुआ उससे कहीं अधिक खुशी तब हुई जब घटना को अंजाम देने वाले एकमात्र जिन्दा शख्स कसाब को सजाये मौत की सजा सुनाई गयीयह उन लोगो के लिए सबक थी कि जो भी ऐसा किया उसका यही हश्र होगा
और तो और मैं सबसे अधिक न्यायाधीश तहलियानी जी का शुक्रिया अदा करता हूँजिन्होंने दिन -रात अपनी कड़ी मेहनत के चलते मात्र १७ महीने में ही इस आरोपी /दोषी को उसके अंजाम तक पहुँचाया दिन कितना दुखी दिन था इसका अंदाज़ा इसी से लगा लीजिये कि फेसबुक ने १८ देशों कि एक इंडेक्स जारी कियाजिसमे हिन्दुस्तानी लोग सबसे ज्यादा खुश होली और १५ अगस्त को नज़र आते हैं जबकि सबसे ज्यादा दुःख उन्हें २६/११ /२००८ के मुंबई हमले के फौरन बाद हुआ थाठीक एक दिन बाद यानी २७ नवम्बर २००८ को फेसबुक पर भारत का हैपीनेस इंडेक्स देखा जाये तो सबसे निचले स्तर पर थापर मई इन सारी चुप्पिओं को तोड़ते हुए उन सभी के चहरे पर एक बार फिर मुस्कराहट कि लहर वापस सौंप दी जिसका इंतजार काफी अरसे से था
इन सबके परे एक बात अभी भी लोगों को काट खाए जा रही है कि आखिर इस कसाब को लटकाया कब जायेगाकाट खाना भी लाजिमी है आखिर अफजल गुरु को जिसे कब कि सजा हो चुकी है पर अभी तक लटकाना तो दूर , कब लटकाया जायेगा ये भी नहीं मालूमपर आशा करता हूँ कि जैसे ये सब हुआ वैसे ये भी हो जायेगा और अगर ऐसा नहीं हुआ तो भारत सरकार के लिए इससे शर्मनाक बात और कोई नहीं हो सकतीअगर एक लड़की कि ह्त्या और रेप के मामले में धनञ्जय चटर्जी को फाँसी पर लटकाया जा सकता है तो इनको क्यों नहीं ...? क्या इसका जुर्म उससे कम है..? जिस दिन ये फाँसी के फंदे पे लटक गया उस दिन ही सही मायने में भारत वासियों को ख़ुशी होगीअब ये आने वाला समय ही बताएगा कि मामू जल्लाद या किसी और जल्लाद कि ख्वाहिश पूरी होती है या भारत वासी इस आधी ख़ुशी के साथ मायूस होते हैंआशा करता हूँ भारत सरकार ऐसा नहीं होने देगी जरुर भारतवासियों को खुश देखना चाहेगी .................................................... !

Thursday, February 11, 2010

डोंट ट्राई टू ऑफ ..............................

करोडो युवाओं के दिल की धड़कने तेज़ हो गयी हैं ! आँखों से नींद गायब ! मन में बेचैनी !अब तो उनकी रातें सपनों के साथ ही गुजरती हैं या यूँ कहें की अब तो उनकी रातें सपनों के साथ ही पूरी होती हैं ! बिना सपने के कोई रात ही नहीं !खैर रात तो किसी तरह गुजर जाती है पर जरा सोचिये दिन का क्या होता होगा !शायद पुरे दिन सर पर हाथ रखे किसी गंभीर मुद्दे का हल ढूढ़ रहे हो !तो एक तरफ खुली हुई आँखे आसमान को फाड़ फाड़ कर देख रही है !सोच रहे हैं आखिर कैसे मिला जायेगा ,क्या कहूँगा ,क्या गिफ्ट करूँगा, तमाम सवाल मन को कौंध रहे हैं !उपर्र से जालिम इस दुनिया की नज़र !देख नहीं सकता ये !एक पल के लिए भी किसी को सकूँ से देखना उसे नहीं भाता !ये भी नहीं सोचता की आखिर साल में एक ही दिन की तो बात है !अगर इसी में वे खुश हैं तो क्या बुरे है !पर नहीं !तो भुगतो कौन भुँग्तेगा !एक तरफ तो कहने को हम विकसित हो रहे हैं दुसरे देशों को अपने पीछे छोड़ रहे है !पर लगता है की सोच वहो की वही है सौ साल पहले वाली !पर कुछ युआ ऐसी सोच वालो को सुधारने की कवायद शुरू कर दिए हैं जैसा की हमेशा होता है !जारी रहा तो कभी ना कभी सुधर ही जायेंगे !
वैलेंटाइन डे को लेकर कितने सपने देखते हैं ये युवा पर ये लोग एक ही झटके में तोड़ देते हैं !बर्दास्त की भी सीमा होती है !और ये सीमा हर बार कुछ लोग तोड़ते हैं ऐसे में ये हैरान परेशान युवा भी जवाब देना शुरू कर दिए हैं !आखिर लोकतांत्रिक देश है ! पर यहाँ तो गज़ब हो गया राजनीती ने भी हाथ पव मारना
ऐसे में श्रीराम सेना प्रमुख प्रमोद मुतालिक पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनके मुख पर कालिख पोतकर अपने को युवाओं का समर्थक के रूप में जताना कितना उचित है ये तो आने वाला समय ही बताएगा ! अब शायद राजनीती में एक और नएअद्ध्याय की शुरुआत हो गयी है! वह है सी दिन का भी इस्तेमाल करो !चलो कम से कम तो किसी को तो यंगिस्तान की खबर है !
इन महाशय को क्या जरुरत थी !कम से कम ये सोचा होता की अब भारत ,भारत नहीं आज़ाद भारत है ! जब उनको कोई परेशानी नहीं है तो आपको क्या परेशानी थी ! शादी तो करा न पाए उलटे अपना मुख ही काला करवा बैठे !खैर अब ये युवा अकेले नहीं है अब राजनीती भी साथ देना शुरू कर दी है ,देखते हैं अब अपना उल्लू सीधा करने का ये कौन तरीका है !